छत्तीसगढ़ के पहिली फिलिम "कहि देबे संदेस" अऊ मनु नायक
मसहुर लेखक,
निर्माता अऊ निर्देशक मनु नायक ह सन 1965 म छत्तीसगढ़ के पहिली फिलिम कहि देबे संदेस के निर्माण करिन। उनकर जनम 11 जुलाई 1937 ला
रायपुर जिला के तिल्दा तहसील अंतर्गत कुर्रा गांव म होय रहिस। सन 1957 म रोजगार के तलाश म ओमन बम्बई (मुंबई) चल दे
रहिन, जिहां फिल्म जगत ले जुड़के छत्तीसगढ़ी
सिनेमा के सपना ल आकार दिन। "कहि
देबे संदेस" के कहानी अंतर्जातीय प्रेम-विवाह, छुआछूत, जातिवाद अऊ सहकारिता आधारित खेती जइसने
सामाजिक विषय मन ऊपर आधारित रहिस।
फिलिम के शुरुआत म महाकवि जयशंकर प्रसाद के
महाकाव्य कामायनी के कुछ पंक्तियां मनु नायक के आवाज म सुनाय
जाथें। फिलिम म सुरेखा पारकर, उमा राजू, कान
मोहन, कपिल कुमार, दुलारी वीना, सविता सतीश,
टीनटीन कमला, रसिकराज, विष्णुदत्त
वर्मा, फरिस्ता, गोवर्धन सोहनलाल, आर.के.
सुक्ल, बेबी मुकुंद, अरुण अऊ बेबी केसरी जइसने कलाकार मन अभिनय
करिन। ये फिलिम के अधिकांश शूटिंग वर्तमान
बलौदाबाजार-भाटापारा जिला के पलारी विकासखंड के गांव मन म होय रहिस। 16 अप्रैल 1965 के
रायपुर, भाटापारा अऊ बिलासपुर म एके संग
छत्तीसगढ़ के पहिली फिलिम के रूप म एकर प्रदर्शन होय रहिस।
फिलिम के निर्माण म लगभग 1 लाख
25 हजार रुपिया के खर्चा आय रहिस।ओ बखत के सूचना
अऊ प्रसारण मंत्री इंदिरा गांधी, सांसद खूबचंद बघेल, मिनीमाता अऊ विधायक बृजलाल वर्मा घलो ये फिलिम ल देखे रहिन। फिलिम के सबसे लोकप्रिय गीत "तोर पैरी के झनर-झनर, तोर चुड़ी के खनर-खनर" आज घलो छत्तीसगढ़ के लोकस्मृति म जीवित हे। ये
गीत के रचनाकार डॉ. एस. हनुमंत नायडू राजदीप, संगीतकार
मलय चक्रवर्ती रहिन अऊ एकर गायन महान गायक मोहम्मद रफी ह करे रहिन। ये गीत के रिकॉर्डिंग
बम्बई के स्टूडियो म होय रहिस, जेन
ह छत्तीसगढ़ी सिनेमा बर एक ऐतिहासिक उपलब्धि साबित होइस।
डॉ. हनुमंत नायडू के छत्तीसगढ़ प्रेम अऊ औद्योगिक विकास प्रति लगाव ओमन के कविता म घलो दिखथे—
"भिलाई तुहर कासी हे, ऐला जांगर के गंगा जल दव।ये भारत के नवा सुरूज हे, इन ल जुरमिल बल दव।तुहर पसीना गीरे फाग म, नवा फुल मुस्काये रे।"
"कहि देबे संदेस" सिरिफ एक फिलिम नइ रहिस, बल्कि छत्तीसगढ़ी सिनेमा के नींव रखइया ऐतिहासिक दस्तावेज बन गे। आज घलो ये फिलिम अऊ एकर गीत मन छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक धरोहर के रूप म याद करे जाथें। छत्तीसगढ़ी फिल्म उद्योग के विकास बर अमूल्य योगदान देइया मनु नायक जी ला सादर जोहार।




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